अधिक मास पूजा एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है, जो हर तीन साल में एक बार आता है। इस मास को मलमास, पुरषोत्तम मास भी कहते हैं। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। भक्त इस मास में व्रत, दान और जप करते हैं ताकि उनके पापों का नाश हो और पुण्य की प्राप्ति हो। अधिक मास में कथा, भजन और कीर्तन का आयोजन किया जाता है जिससे मन और आत्मा को शुद्धि मिलती है।